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ISSN : 2583-9667, Impact Factor: 6.49

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Abstract

International Journal of Advance Research in Multidisciplinary, 2024;2(3):704-710

मानसिक चिकित्सा का स्नातक स्तरीय विद्यार्थियों की चिंता, अवसाद एवं नकारात्मक भावनाओं पर प्रभाव

Author : विष्णु देव सिंह

Abstract

प्रस्तुत अध्ययन का उद्देश्य मानसिक चिकित्सा का स्नातक स्तर के विद्यार्थियों की चिंता, अवसाद तथा नकारात्मक भावनाओं पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन करना था। वर्तमान उच्च शिक्षा व्यवस्था में विद्यार्थी शैक्षिक प्रतिस्पर्धा, परीक्षा संबंधी दबाव, भविष्य के व्यवसाय एवं रोजगार की अनिश्चितता, पारिवारिक अपेक्षाओं, सामाजिक संबंधों तथा व्यक्तिगत समस्याओं जैसी अनेक परिस्थितियों का सामना करते हैं। इन परिस्थितियों का प्रभाव विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ सकता है तथा उनमें चिंता, अवसाद और विभिन्न प्रकार की नकारात्मक भावनाएँ विकसित हो सकती हैं। ऐसी मानसिक कठिनाइयाँ उनकी एकाग्रता, शैक्षिक उपलब्धि, आत्मविश्वास, सामाजिक व्यवहार तथा समग्र व्यक्तित्व विकास को प्रभावित कर सकती हैं। प्रस्तुत अध्ययन में कुल 100 स्नातक स्तर के विद्यार्थियों को सम्मिलित किया गया। इनमें 50 विद्यार्थियों को प्रयोगात्मक समूह तथा 50 विद्यार्थियों को नियंत्रण समूह में रखा गया। प्रयोगात्मक समूह के विद्यार्थियों को निर्धारित अवधि तक व्यवस्थित मानसिक चिकित्सा प्रदान की गई, जबकि नियंत्रण समूह को सामान्य शैक्षिक वातावरण में रखा गया। दोनों समूहों में चिंता, अवसाद तथा नकारात्मक भावनाओं का अध्ययन से पूर्व तथा अध्ययन के पश्चात मापन किया गया। प्राप्त आँकड़ों का विश्लेषण औसत, मानक विचलन, औसत अंतर, परिवर्तन प्रतिशत, टी-मूल्य तथा प्रभाव-आकार के आधार पर किया गया। प्रयोगात्मक समूह में चिंता का औसत 24.60 से घटकर 16.80, अवसाद का औसत 22.40 से घटकर 15.10 तथा नकारात्मक भावनाओं का औसत 27.80 से घटकर 19.30 हो गया। क्रमशः चिंता में 31.71 प्रतिशत, अवसाद में 32.59 प्रतिशत तथा नकारात्मक भावनाओं में 30.58 प्रतिशत कमी पाई गई। इन तीनों चरों के लिए प्राप्त टी-मूल्य क्रमशः 10.61, 8.90 तथा 9.85 रहे और परिणाम सांख्यिकीय रूप से सार्थक पाए गए। प्रयोगात्मक तथा नियंत्रण समूह के पश्चात प्राप्तांकों की तुलना करने पर भी प्रयोगात्मक समूह में चिंता, अवसाद तथा नकारात्मक भावनाओं के स्तर कम पाए गए। प्रभाव-आकार के परिणामों ने भी मानसिक चिकित्सा के अपेक्षाकृत मजबूत प्रभाव की ओर संकेत किया। अध्ययन से यह निष्कर्ष प्राप्त हुआ कि व्यवस्थित मानसिक चिकित्सा स्नातक स्तर के विद्यार्थियों की चिंता, अवसाद तथा नकारात्मक भावनाओं को कम करने में उपयोगी हो सकती है।

Keywords

मानसिक चिकित्सा, स्नातक विद्यार्थी, चिंता, अवसाद, नकारात्मक भावनाएँ, मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक संतुलन, मनोवैज्ञानिक हस्तक्षेप।