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Abstract

International Journal of Advance Research in Multidisciplinary, 2025;3(3):33-38

मध्य प्रदेश में गोंड जनजाति के लोगों का सांस्कृतिक महत्व और कला

Author : डॉ. प्रतिभा तिवारी, डॉ. अंजली पाण्डेय, प्राजक्ता उदय जोशी, प्रो. आर. सी. मिश्रा

Abstract

आदिवासी समुदाय किसी भी देश की संस्कृति और उसके मूल्यों का प्रतीक है। गोंड एकमात्र जनजाति है जो मध्य प्रदेश के सभी जिलों में मौजूद है। भारत के सबसे बड़े आदिवासी समुदायों में से एक गोंड जनजाति की आबादी लगभग चार मिलियन है जो पूरे मध्य भारत में फैली हुई है। गोंडों का इतिहास 1400 साल पुराना है। पिछले कुछ दशकों में गोंड चित्रकला ने वैश्विक मान्यता प्राप्त की है। यह मध्य प्रदेश भारत के गोंड जनजाति की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है। गोंड कलाकार का काम संस्कृति की लोक कथाओं में निहित है। गोंड कलाकार अपनी कल्पना से जो कुछ भी बनाते हैं उसे चित्रित करने की स्वतंत्रता देते हैं। उनका मानना ​​है कि प्राकृतिक वस्तुओं, पहाड़ों, झीलों और जानवरों में जीवन शक्ति की आत्मा निवास करती है। गोंडों में महत्वपूर्ण हिंदू त्योहारों के दौरान अपने घावों की दीवार और फर्श को चित्रित करने की भी परंपरा है।

Keywords

गोंड, आदिवासी, आजीवन, वैश्विक, शक्ति, परंपरा।