Abstract
International Journal of Advance Research in Multidisciplinary, 2023;1(1):979-985
दुग्ध उत्पादों में मिलावट और उसके स्वास्थ्य प्रभाव
Author : KM Pooja Rani and Dr. Sunita Singh
Abstract
दुग्ध उत्पाद भारतीय आहार का अभिन्न अंग हैं और इन्हें उच्च पोषण मूल्य के कारण "संपूर्ण आहार" माना जाता है। परंतु हाल के वर्षों में दूध, घी, पनीर और दही जैसे उत्पादों में व्यापक पैमाने पर मिलावट की घटनाएँ सामने आई हैं। यूरिया, डिटर्जेंट, स्टार्च, सिंथेटिक दूध, सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट, वनस्पति घी तथा सस्ते तेल जैसे तत्वों का उपयोग उत्पाद की शुद्धता और गुणवत्ता को नष्ट करता है। यह मिलावट न केवल उपभोक्ताओं को धोखा देती है, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न करती है। यूरिया और डिटर्जेंट से युक्त दूध गुर्दे और जिगर की कार्यप्रणाली को प्रभावित करता है, जबकि सिंथेटिक घी और तेल हृदय रोग तथा कैंसर जैसी बीमारियों का कारण बन सकते हैं। बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों पर इसका नकारात्मक असर और भी अधिक गहरा होता है।
इस शोध-पत्र में दुग्ध उत्पादों में मिलावट के विभिन्न रूपों का मूल्यांकन, उनके स्वास्थ्य प्रभावों का विश्लेषण तथा उपभोक्ता जागरूकता और सरकारी नीतियों की भूमिका की समीक्षा की गई है। अध्ययन का प्रमुख उद्देश्य है— मिलावट की पहचान हेतु प्रचलित विधियों का आकलन करना, मिलावट और स्वास्थ्य-सम्बन्धी प्रभावों के बीच संबंध को स्पष्ट करना, तथा उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं शुद्ध खाद्य प्राप्त कराने के लिए सुझाव प्रस्तुत करना।
Keywords
दूध, घी, पनीर, दही, मिलावट, यूरिया, डिटर्जेंट, सार्वजनिक स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा, उपभोक्ता जागरूकता