Article Abstract
International Journal of Advance Research in Multidisciplinary, 2025;3(4):30-34
उच्चतर माध्यमिक स्तर के विद्यालयों में अध्ययनरत् विद्यार्थियों में पाठ्य-सहगामी क्रियाओं का शैक्षणिक उपलब्धि पर प्रभाव का अध्ययन
Author : बबीता राजपूत एवं डाॅ. भावना सोनेजी
Abstract
पाठ्य सहगामी क्रियाएँ से तात्पर्य उन शैक्षिक क्रियाओं से है जो पाठ्यक्रम के साथ-साथ विद्यालय में संचालित की जाती है। पाठ्य सहगामी क्रियाएँ विद्यार्थियों के बौद्धिक, भावनात्मक और शारीरिक विकास में सहायक होती हैै। पाठ्य सहगामी क्रियाओं का विद्यालयों में छात्रों के लिए होना अत्यंत आवश्यक है। छात्र इन्हीं के द्वारा अपनी प्रतिभा को सभी के सामने ला पाते है और उन्हे विकसित कर पाते है। प्रस्तुत शोध का उद्देश्य उच्चतर माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों में पाठ्य सहगामी क्रियाओं का उनकी शैक्षणिक उपलब्धि पर प्रभाव देखना है। इस उद्ेश्य की प्राप्ति हेतु जबलपुर के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों से पाठ्य सहगामी क्रियाओं में भाग लेने वाले व भाग नहीं लेने वाले 600 छात्र एवं छात्राओं का चयन किया गया फिर इन छात्र एवं छात्राओं की शैक्षणिक उपलब्धि की तुलना की गई। परिणाम स्वरूपं पाया कि पाठ्य सहगामी क्रियाओं में भाग लेने वाले व पाठ्य सहगामी क्रियाओं में भाग न लेने वाली छात्राओं व विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलबिध में महत्वपूर्ण अंतर पा्रप्त हुआ है। पाठ्य सहगामी क्रियाओं में भाग लेने वाले छात्राओं व विद्यार्थियों की शौक्षणिक उपलब्धि का स्तर भाग न लेने वाले विद्यार्थियों से अधिक प्राप्त हुआ है। जबकि बालक छात्रों में पाठ्य सहगामी क्रियाओं का कोई प्रभाव नही पाया गया।
Keywords
पाठ्य सहगामी क्रियाएं, शैक्षणिक उपलब्धि